Tuesday, October 17, 2017

KUCHH IDHAR UDHAR KEE

मोदी तेरे राज में
जनता भूखीं मरी
अनाज के बाजार में ,





बच्चे मर रहे हैं
भूख से तड़प रहे हैं
आंतें सिकुड़ गई हैं
किडनियां बंद हो गईं हैं
लीवर डेमेज हो गया है
अस्पताल में गैस नहीं  है
डॉक्टर मृत  घोषित कर रहे हैं
मंत्री कह रहे हैं
अगस्त का महीना है
इस लिए बच्चे मर रहे हैं 

magar machchhee aansoo


मगर मच्छी आंसू
१६\१०\१७ को मोदी जी गुजरात में भाषण देते वक्त बड़े ही खिन्न थे और  अपने ही घर में अपनों सेही   भिखारियों की भांति वोट मांगने का प्रयास कर रहे थे और साथ ही साथ कांग्रेस की बुराई पर बुराई भी ठोक  रहे थे वो बताना चाहते थे की कोंग्रेसी कितने मक्कार हैं की उन्होंने पटेल को सबसे समझदार और लोह पुरुष होने के बावजूद  उनको देश का प्रधानमंत्री नहीं बनने दियाक्योँकि वैसे भी वो गुजराती  थे  जिसमे मुख्य भूमिका जवाहर लाल नेहरू की थी ,
मुझे सबसे बड़ा अफ़सोस इस बात का है की वो  ३ साल ५ महीने प्रधानमंत्री रहते हुए भी  इतने परिपक्व न हो पाये की वो जनता को समझ सके और जान सके की एक दुसरे की बुराई करने वाले व्यक्ति को चाहे कोई भी हो जनता उसे ओछा और निम्नकोटि का व्यक्ति समझते हैं ,ये भी हमारा दुर्भाग्य है की वो एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो एक्सपेरेंस का भी फायदा ना उठा पाए और नहीं उससे समझ पाए और थोड़े से समय में ही   इतने बदनाम हो गए की देश की जनता उनके नाम तक से घृणा करने लगी है ,
देश की जनता अब कहती हैं की वो अपना वोट गंदे नाले में फेंक देंगे परन्तु मोदी को नहीं देंगे | 

Sunday, October 15, 2017

main koun hun


मैं  कौन हूँ ,नहीं जानता
मेरे प्यारे देशवासियो ,बहनो और भाइयो ,मित्रो ,यदि आज में मात्र ३ वर्ष और ५ माह में ही अपना अहंकार छोड़ दूंगा ,तो जनता मुझे हारा हुआ जुआरी कहेगी ,और यदि नहीं छोडूंगा तो मेरी लुटिया डूबेगी परन्तु मेरे पास अभी १ वर्ष और ७ महीने हैं ," देखते है ऊँट किस करवट बैठेगा " यद्यपि इतना मैं  भी समझ चुका हूँ की ऊँट किसी भी करवट ना बैठकर उलटा होकर ही  लौटेगा ,फिर क्योँ न आनंद का जीवन व्यतीत कर लूँ ,धन्यवाद भाइयो 

Saturday, October 14, 2017

su vichar



जब कोई दुःख  से कराह रहा हो उसके  घाव  पर प्रेम से हाथ रख  दो,और  प्रेम भरे दो शब्द  बोल दो उसे अपनत्व दिखाओ उसका आधा दर्द खत्म हो जायेगा |


  खुद पर बुरा वक्त पड़ने पर तो बहुत लोग झुक जाते हैं परन्तु जो दूसरों  के बुरे वक्त में भी झुक जाये लोग उसे ही सज्जन कहते हैं | 

Thursday, October 12, 2017

 आदरणीय मोदी जी गढ़े मुरदे उखाड़ने से अच्छा है ,क्योँ ना आप  काम और मुद्दे की बातें करें ,वायदे पूर्ण करें



Monday, October 9, 2017




अब तो अमित शाह और मोदी को अमित शाह का पुत्र जय शाह ले डूबेगा
इसे कहते हैं परिवारवाद ,चुपके चुपके ये क्या  हो रहा है , आदरणीय मोदी जी 



मोदी जी के बुरे दिन आ गए
भाजपा पे काले बदरा छा गए