Wednesday, June 28, 2017



हमारे देश ' हिंदुस्तान "की जनता भी अजीब ही है जब तक उनका आधा गला कट नहीं जाता तब ता तक तो वो चीखना भी शुरू भी नहीं करती यानी कि  आधा गला कटने के बाद ही वो  चीखना शुरू करती है | 

Wednesday, June 21, 2017

kyaa vyapari B J P ka jarkhareed gulaam HAI ?

जर खरीद गुलाम 
क्या वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश के व्यापारियों को अपना जरखरीद गुलाम समझ लिया है शायद वो नाहिं जानते की यदि व्यापारी एक साथ  मिल गए तो इस जी एस टी के चक्कर में भाजपंा  सरकार की चूलें भी हिल सकती हैं ,और देश का अरबों रूपये प्रीतिदिन का नुक्सान अलग से होगा ,शायद वो नहीं जानते की व्यापार हमेशा ,परेशानी मुक्त दिमाग से किया जाता है ,पर वो क्योँ जानेंगे उनके पास तो वैसे ही १२५ करोड़ रुपया है ,जहां आज देश की जनता नोटबंदी के बाद पाई ंपाइ को परेशान हैं वो ऐश  और आराम की जिंदगी बिता रहे हैं ,कहावत है की" जिसके पैर  ना फटी बिवाई वो क्या जाने पीर पराई "

30th jun midnight JASHN loksabha me

३० जून की मध्य  रात्रि को जब सम्पूर्ण देशवासी  जी एस टी के थोपे जाने का शोक मना रहे होंगे चाहे व्यापारी हो या मजदूर ,अथवा किसान या आम जनता ,ठीक उसी वक्त भाजपा सरकार लोकसभा के अंदर बैठ कर जी एस टी लागू होने का जश्न मना रहे होंगे ,क्योँकि वो इसको देश की आजादी १९४७ से जोड़ कर देख रहे हैं इसका मतलब  क्या है  ?,आखिर देश को किस की गुलामी से आजादी मिल रही है ,या भाजपा की ख़ुशी ये है की आज वो सम्पूर्ण देश को अपना जर खरीद गुलाम बनाने जा रही है ,
कहीं ऐसा ना हो कि ३० जून रात्रि से ही भाजपा के झंडे ना उखाड़ने शुरू हो जाएँ और वो कहीं की ना रहे ,और जिस प्रकार अमेरिका की ६७% जनता राष्ट्रपति ट्रम्प को उतारने के  लिए एकजुट हो गई है उसी प्रकार भारत में भीप्रधान मंत्री मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी कुर्सी से उतारने के लिए ६९% जनता सड़कों पर उतर आये ,आखिर जुल्म सहने की भी कोई सीमा होती है ,पिछले ३ साल से भाजपाइयों के जुल्म सहते सहते भारतवासियों का दीराज खत्म होता जा रहा है |

Tuesday, June 20, 2017

KYA KOI BATAAYEGA

जब से मैंने होश संभाला है तो देखा है ,कि स्वर्ण , दलित ,महादलित ,हरिजन ,पिछड़े कुछडे ये सभी हिन्दुओं में ही क्योँ होते हैं ,क्या हिन्दू धर्म ही ऐसा है जहां कितने ही वर्गों में बटा  हुआ है और उसके बाद जाति  ,उपजाति नीच ऊँच क्या ऐसा अन्य धर्मों में भी है ,यथा मुस्लिम धर्म या ईसाई धर्मं ,या जैन ,सिख ,बौद्ध आदि आदि में ,परन्तु मेरी निगाहों में उनमे प्रत्यक्ष रूप में तो  ऐसा नजर नहीं आता ,क्या कोई मेरी इस समस्या का कोई निवारण करेगा |

BHAJPA KI NEETI

कुछ अजीब दास्ताँ है ये ?

भाजपा ,यानी मोदी सर्कार की भी क्या रणनीति है ,कुछ समझ नहीं आता ,
एक और सहारनपुर में दलित ,ठाकुरों के दंगे ,कुछ मरे कुछ जेलों में बंद ,
एक दलित, हाई कोर्ट के जज कर्णन की" सी आई डी" द्वारा आज गिरफ्तारी आरोप ,उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में २० भ्र्ष्टाचारी जजों के नाम बताये या आरोप लगाए ,भ्र्ष्टाचार का खुलाशा करने करने का इनाम , गिरफ्तारी ,
दूसरी और एक दलित ,राजयपाल बिहार के राम कोबिद सिंह को देश का राष्ट्रपति बनाने की तैयारी |
आखिर भाजपा दलितों से चाहती क्या है ?
शायद अपना वोट बैंक ,

Sunday, June 18, 2017

DESH KI JANTA

अभी तो देश की जनता चुप बैठी है परन्तु जब १स्ट जुलाई के बाद  १ ८ % से २ ८ % तक का टैक्स भरना पडेगा तो जनता फिर सोचेगी 

G S T HATAAO YAA FIR

जेटली जी जी एस टी हटाओ या फिर हम सभी मध्यम दर्जे और छोटे व्यापारियों को सरकारी गैरसरकारी नौकरी दो ताकि हम देश में जिन्दा रह सकें