Monday, February 19, 2018

KAHAWAT



आजकल ये कहावत पूर्णत: चरितार्थ हो रहे है
" कुत्ते भौंकते रहते हैं और हाथी चुपचाप मस्ती भरी चाल से भीड़ को चीर कर निकल जाता है
वर्तमान परिदृश्य इसका गवाह है  

कुर्सी की माया

कमीनेपन  की भी एक हद होती है
जार जोरू जमीन सब कुछ  छोड़कर
बस एक कुर्सी पाने की ललक होती है
क्योँकि ये कुर्सी इन सभी को पाने में
पूर्णतया  तरह मददगार होती है  | 

MERI SOCH PART 8



मेरी सोच पार्ट ८ 

मैं उस देश का वासी हूँ ,जहाँ पर शिक्षक और क्षात्र एक साथ बैठकर सोमरस पान ,और धूम्रपान दंडिका का प्रयोग ,और स्त्री चर्चा कर ,खाली  समय का सदुपयोग करते हैं ,गुरु शिष्य की परम्परा प्राय समाप्त हो चुकी हैं 
जहाँ का समृद्ध समाज पैसे कॉम भगवन मानकर कागज की गड्डियों को धुप दीप  दिखाकर तिजोरी में बंद करके रखना ही अपना धर्म समझते हैं और आज की पीढ़ी की चिंता ना कर अगली सात पीढ़ियों का इंतजाम करने ,में लगे हैं ,चाहे तब तक उन रुपयों को दीमक खा जाएं या बरसात में बाह जाएँ ,या आग लग जाए ,अथवा चोर लेकर ही क्योँ न भाग जाएँ अथवा हालातों से परिस्तिथि वश बैंक ही फ़ैल हो जाएँ जहां पर उनका पैसा  जमा है  और ये सबकुछ हो जाने पर किस्मत को कोसते हैं | 

Friday, February 16, 2018

NEERVA MODI BANK KAND

नीरव मोदी बैंक लोन कांड
नीरव मोदी  पर २०१३ /१४ में बैंक कर्ज मात्र १५५० करोड़ कोंग्रेसी राज
२०१४/१५ में  बढ़कर २२५० करोड़   भाजपा राज ( मोदी राज )
उसके बाद जनवरी में  २०१८ में ११३०० करोड़  ( मोदी राज )
फरवरी  २०१८ में  २१६०० करोड़ ( मोदी राज )
मैं  भाजपाइयों से पूछना चाहता हूँ की भाइयो तुम्हारे ४ वर्ष के शासन काल में ये बैंक लोन १५ गुना कैसे हो गया ,यानी की बाकि सम्पूर्ण कर्जा नीरव मोदी को ,मोदी सर्कार ने मुहैया कराया और उसे विदेश भगा दिया ,इसका कोई जवाब है 



MERI SOCH PART 7

मेरी सोच पार्ट ७

मैं उस देश का वासी हूँ जहाँ के नेता या राजनेता चुनावों के समय में अपने क्षेत्र में प्रीतिदिन नजर आते हैं और प्रत्येक गाँव ,गली नुक्कड़ ,घरों में जबरदस्ती प्रवेश करते हैं ,कभी कभी किसी गरीब दलित ,या पिछड़े वर्गों के घर जाकर खाना भी खा लेते हैं यद्द्यपि वो बात अलग है की घर जाकर वो उस खाने को उल्टी करके निकल देते हैं ,प्रत्येक छोटे बड़े गरीब अमीर के पैर तक छूने में उन्हें कोई झिझक नहीं होती और हाँ यदि किसी व्यक्ति का चुनावों  के वक्त  कुत्ता भी मर जाए तो शोक जताने चले जाते है और दीगर  बात ये है की जीतने के बाद चाहे किसी का जवान बेटा  भी मर जाए तो ये दो आंसू बहाने भी नहीं जाते ,
चुनाव जीतने के बाद प्रीतिदिन की उठा पटक ,एक दुसरे की आलोचना करना ,टांग खिचाई करना, चारा आदि घोटाले करना बड़े बड़े धन्नासेठों से संबंध स्थापित करना ताकि आने वालों चुनावों में उनके पैसे से कंपेनिंग करना हेलीकाप्टर आदि के द्वारा ,उनको बैंको से अधिक से अधिक लोन दिलवाना आदि ,अपनी अगले पीढ़ी को सेट करना,उनके लिए देश में विदेश में जमीन जायदाद बनाना ,ताकि कभी देश छोड़ना भी पड़े तो परेशानी न हो   विदेश जाना जरूरी हो जाता है ,वहां जाकर उनको अपने हिसाब किताब ,देखने होते हैं ,ऐश करनी ,घूमना फिरना ,अपने जो वर्षों से पुराने रोग पाले होते हैं  उनका सरकारी पैसे से मुफ्त में इलाज कराना ,अपने स्विश बैंक्स आदि में अपने हेरा फेरी के धन का हिसाब किताब देखना भी तो होता है ,ये बेचारे तो उस पैसे का ब्याज भी नहीं लेते ,यानि पैसा भारतीय पर मजा लेयेगा स्विट्जरलैंड ,या विदेशी बैंक|  

Thursday, February 15, 2018




याद रखने वाली बात

  •  ये सत्य है की सभी व्यक्तियों के खून का रंग" लाल "होता है परन्तु" ब्लड ग्रुप "सभी के अलग अलग होते हैं ,इसी लिए सभी मनुष्य एक जैसे नहीं हो सकते ,सभी के स्वभाव ,विचार ,संस्कार ,आदते ,तुख्म और ताशीर प्राय: भिन्न भिन्न होती हैं | 

     

SATTA KA NASHA


सत्ता का नशा बहुत बुरा होता है

मोदी जी २०१९ में सत्ता में आने के लिए कुछ भी करेंगे ,जमीन आसमान एक कर देंगे ,राम मंदिर बनवा देंगे ,पाक से युद्ध छेड़ देंगे ,आपातकाल की घोषणा भी हो सकती है और मंजर कुछ भी हो सकता है , ई  वी एम् में कुछ भी कर देंगे ,देश की जनता को मोठे मोठे लोलीपोप  दे सकते हैं ,और भी पता नहीं क्या क्या हो सकता है जो आप सोच भी नहीं सकते , देश में बद्मिनी भी फ़ैल सकती है ,
क्योँकि अब उनको सत्ता का चस्का भा गया है ,भला उसे कैसे छोड़ सकते हैं