Saturday, December 9, 2017

Friday, December 8, 2017

JUMLE BAAJ



जुमले बाजी करना
और लम्बी लम्बी फेंकना
और चुनावों के वक्त में
मुंह नीचे को करके रोना
 सार्वभौम को शोभा नहीं
बल्कि कलंकित करता है

shoshan





जिस जनता का  वो अब तक
शोषण करता चला आ रहा था ,
आज उसी के आगे रो रो कर
भीख हेतु कटोरा बढ़ा रहा है 

Wednesday, November 22, 2017

bina sheershak




मानता हूँ की मेरा मुखारबिंद  कुरूप है
परन्तु तुझ से सौ  गुना अच्छा हूँ मैं
क्यो की तेरी तो आत्मा ही मलीन है 

vkt vkt ki baat


वक्त वक्त की बात

कौड़ियों के भाव में जो
बिका करते थे गलियों में
सुना  है कि  आज वो भी
करोड़ों के पति बन गए हैं

kare koun bhare koun


करे कौन भरे कौन

आज समस्त भारत वासी
क्या आदिवासी हो गए हैं
मजे ले गए हुलासी  राम जी
दंड मवासी राम जी भर रहे हैं 

sadee buddhi



मति  भ्र्ष्ट

आज देश  का प्रधान सेवक
बैंगन को केला बता रहा है,
और उसका प्रत्येक पिछलग्गू
उसे केला समझ कर खा रहा है