Thursday, March 26, 2009
हिन्दुस्तान में लोकतंत्र को जीवित रखना है तो
Sunday, March 22, 2009
लोकतंत्र में जूता या चप्पल तंत्र क्योँ ?
Saturday, March 21, 2009
आख़िर सुप्रीम कोर्ट ने भी माना की आम आदमी को न्य्याय में देरी
लोकतान्त्रिक भारत में यदि आम आदमी को न्याय पाने का भरोसा है तो वो है केवल उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय पर ,इससे नीचे के न्यायालयों से तो भरोसा पूरी तरह उठ चुका है क्यों की वहाँ पर गरीब ,कमजोर ,शरीफ,अशिक्षित ,आदमी को तो न्याय मिल ही नही पाता ,जब की मालदार ,मजबूत ,भरष्ट ,बदमाश ,तिकडमबाजवहाँ पर सदेव अपने पक्ष में फेसला पाकर खुश रहता है ,हम नहीं जानते आख़िर ऐसा क्यों होता है ये हिसाब लगाना तो सरकार और छानबीन करने वालों का है हम तो जो देखते है वो ब्यान कर रहे है और देरी की हालत तो ये है की तारीख पर तारीख मिलती रहती हैं और उसमे गरीब और अशिक्षित को वकील आदि ना कुछ बताते है और ना कुछ करते है और केस को लंबा खीचते रहते है और गरीब एवं न्याय अपना दम तोड़ देते हैं ये तो रही नीचे की बात अब ऊपर का हाल भी ये है की अग्रिम जमानत जैसी याचिका जो की क्र्मिनल केस पर आधारित होती हैं उनकी रिट याचिका की १२या १५ तारीखे तक पड़ती रहती हैं और शरीफ आदमी को पुलिश की मिली भगत से क्रिमिनल बनाकर मालदार या बदमाश अथवा बेईमान आदमी मजे लेलेकर उसके गले में फांसी का फंदा अटकाकर मनचाहा कार्य करवा लेते हैं अथवा उसको जेल का डर दिख -दिखा कर हार्ट प्रॉब्लम तक करा देते हैं और एक दिन वो बेचारा असमय ही निर्दोष दम तोड़ देता है और उनके मन की मुराद पूरी हो जाती है इन सब में गरीब आदमी पिस्ता रहता है और पैसे वाला मजा लेता रहता ,इस बात को तो हमारे माननीय चीफ जस्टिस तक ने भी २१ -३-०९ के न्यूज़ पेपर टाइम्स ऑफ़ इंडिया में स्वीकार है और ये वास्तविकता भी है और उन्होंने ये ताकीद भी की है की इस प्रकार के क्रिमिनल केसेस को लंबा ना खींचा जाए ,यद्द्य्पी उन्होंने तो कह दिया पर उस पर अमल होगा या नहीं वो तो राम ही जाने ,परन्तु हम इतना जरूर कह सकते हैं की ना जाने कितने गरीब ,मजबूर ,मजलूम ,शरीफ आदमी बड़े और बदमाश लोगो की झूटी शिकायते ,झूठी क्रिमिनल रिपोर्टें करा कर पुलिश के साथ गठबंधन करके या उनको कैसे ही भी फंसाकर उनको या उनकी संपत्ति को घेरने काप्रयास अथवा घेर कर ,वकीलों को मोटी-मोटी रकम एक एक तारीख की देकर बड़े वकील करके उन लोगो को दुखी कर रहे है है जिनके पास वकील करने को पैसे ही नहीं हैं ये मालदार और बदमाश लोग किसी ना किसी तरह उन गरीब लोगो इतना मजबूर कर देते हैं की वो अपनी करोडो की प्रापर्टी लाखों में देकर या तो शहर छोड़ देते है अथवा जेल में पड़े सड़ते रहते है और उन का परिवार भी बरुआ बिरान हो जाता है अत; हमारी माननीय चीफ जस्टिस जी से करवद्ध प्रार्थना है की जो देरी कोर्ट्स में हो रही है कम से कम उससे तो आम आदमी को निजात दिलाये उनकी असीम क्रपा होगी
Wednesday, March 18, 2009
लतिका सरकार के समर्थन में देश के दिग्गज
दिल्ली में लता सरकार जैसी अकेली महिला ही नही है बल्कि हजारों की संख्या में ऐसी असहाय महिलाए है जो की आजकल अवांछित तत्वों से ही नहीं बल्कि अपने ही बच्चों ,रिश्तेदारों ने भी उनको उनकी प्रोपर्टी से बेदखल करके उनको व्रद्ध आश्रमों में यतीमों जैसी जिन्दगी जीने को मजबूर कर दिया है ,जब से देश में प्रोपर्टी के मूल्य अनाप सनाप बड़े है तभी से अपने बच्चे ,रिश्तेदार ,पड़ोसी ,किरायेदार ,नौकर तक गिद्ध द्रष्टि लगाकर बैठजाते है और किसी ना किसी प्रकार उसे हथियाने की कोशिश करते हैं ,और कुछ जगह तक मर्डर भी हो रहे हैं क्योंकि कानूनी प्रकिरिया बहुत लम्बी महँगी और दुरूह है और अवांछित तत्व इसी चीज का फायदा उठाते है ,परन्तु लतिका सरकार के केस में वास्तव में ऐसा प्रतीत हुआ है जिसमे केस को जल्दी हल करने के लिए डेल्ही हाई कोर्ट ने बहुत दिलचस्पी ली है और उसी का कारण और लतिका जी का जागरूक और समाज सेवी होने के कारण ही आज उनके पक्ष में देश के १५२ जाने माने ,प्रसिद्द लोग उनकी मदद करने के लिए आगे आए हैं ,ये बहुत ही उत्कृष्ट और साहसी कदम है इसके लिए इन्जाने माने व्यक्तियों की जितनी तारीफ़ की जाए उतनी ही कम है अब हम ये कह सकते है की इन हस्तियों के सहयोग से लतिका सरकार जी को जल्दी ही उनका आशियाना मिल जायेगा परन्तु इसमे यदि न्यायालय और जरा जल्दी फेसला कर दे तो सोने पे सुहागा होगा और इन १५२ आदमियों से भी मैं प्रार्थना करूंगा की यदि वो इसी प्रकार की कोई कमिटी बना ले और अपने साथ और भी वक्ती जोड़ कर कम से कम जो इस तरह की मजलूम स्त्रियाँ है उनको न्याय दिलवाने में मदद करेंगे तो शायद उनका भी कोई इतिहास तैयार हो जाए और न्याय को भी एक अच्छी सुप्पोर्ट मिल जायेगी और इस तरह फेसले जल्दी होने लगेंगेइन सबी ने मिलकर जो पात्र गृहमंत्रालय को भिजवाया है उसके लिए ये सभी धन्यवाद के पात्र है ,इन सभी की रूचि देश को आगे बढाने में सक्षम होगी \
Monday, March 16, 2009
नेता जी का भाषण
चीखने की आवाज सुन
मैंने सोचा शायद
कोई सहायता हेतु
पुकार रहा है
फ़िर भी
संशय दूर करने हेतु
एह पथिक से पूछा
भाई ये क्या हो रहा है
तो तपाक से बोला
स्वार्थी ,निर्लज्ज
धूर्त , पाखंडी
अपनों को भी
धोखा देने वाला
नेता गला फाड़ -फाड़ कर
जनता को प्रलोभन दे
वोट मांग रहा है
लोकतंत्र के रक्षक हैं या ?
धूर्त बेईमान
असभ्य ,क्रूर
सभ्य नागरिक की भाषा में
अपने दुर्गुणों का बखान
सदगुणों में प्रवर्त कर
त्यागियौं जैसा बोध
जनता जनार्दन पर
अभिमंत्रित कर रहा है ,
शासन करने हेतु
अपने लक्ष्य को
मीन की नैन बना
तन से श्याम
मन से कलुषित
इच्छाओं में सर्वोपरि
खाने के दांतों को
मुख में छिपा
दिखाने के दांतों से
हंस -हंस कर
श्वेत हाथी बना
दया की भीख मांग
जनता जनार्दन से
अधिकार छीनने के
प्रयत्न कर रहा है
Tuesday, March 10, 2009
लोकतंत्र की रक्षा हेतु मुझे भी उम्मीदवार बनाएं
नाम ----के .पी .चौहान
पिता का नाम -स्वर्गीय आर .एस .चौहान
ग्राम --जलालपुर (बाराबस्ती ) बुलंदशहर ,उत्तर प्रदेश
लोकल पता ----बी ३२२ सरस्वती विहार प्रीतमपुरा दिल्ली ११००३४
राजनितिक प्रष्टभूमि --बाबा ,दादा सभी राजनीतिग्य,वर्तमान में भी सम्पूर्ण परिवार ,तीन भाई ,तीनो अलग -अलग पार्टीओं से सम्बंधित ,मैं स्वयम भारतीय जनता पार्टी से ,बीच वाला कांग्रेस पार्टी से ,सबसे छोटा समाजवादी पार्टी से बाकी सभी बच्चे निर्दलीय ,पर राजनीती सभी पर हावी ।
शिक्षा -----ग्रेजुएट
लेखक ----दिल्ली पुलिश के दर्द भरे आंसू ,,,मेर सोच ,,क्रूरता ,उद्योग निर्देशिका ,एवं कई साहित्यिक पुस्तके और लेख ,दहेज़ का देतय ,
कवितायें -----मेरे अपने ----मैं ----नारी ----कविता कुम्भन ---प्रक्रति ---मेरा देश ---नेतावली ---और कई पुस्तके ------
समाज सेवा में रत ----संस्थापक एवं महासचिव ---अखिल भारतीय राजपूत कल्याण सगठन ,
अध्यक्ष --------भ्रष्टाचार निकंदन समिति
उपाध्यक्ष ------अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा
सम्मानित सदस्य और सचिव ----भारतीय जनता पार्टी
अध्यक्ष -----राजपूत महासभा दिल्ली
प्रकाशक ----मधुमिता साहित्य प्रकाशन
प्रबंधके -----सम्पूर्ण चक्र पत्रिका
आजीवन सदस्य ---कितने ही ब्लाइंड स्कूल ,स्कूल ,कॉलेज ,डिग्री कॉलेज ,अस्पताल अनाथालय आदि ,
रूचि ,हॉबी ----पुस्तकें पढ़ना ,पुस्तकें लिखना कविताएं ,लेख गद्य ,पामिस्ट्री ,एस्ट्रोलोजी ,समाज सेवा करना ,गरीब और मजलूमों की सहायता करना ,राजनीति करना ,भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाना ,सरकारी अफसरों को साफ़ शुद्ध छवि बनाने की प्रेरणा देना ,बुजुर्गों का ख्याल रखना ,देश सेवा को समर्पित ,अपांग और घायल पशु पक्षियों की सेवा करना ,भ्रूण ह्त्या को रोकने का प्रयास करना ,दहेज़ लोभियों को सबक सिखाना कन्याओं को पढाने की प्रेरणा देना ,बेरोजगारों को काम दिलवाना ,देश में तूफ़ान ,बवंडर आने पर ग्रसित व्यक्तियों की सेवा करना
गुन ----- इमानदारी की बिमारी ,बेईमानी से एलर्जी ,सत्य को गले लगाना ,झूठ को जिभ्या पर ना लाना ,अतिथि को भगवान् मानना ,दुष्टों के पास भी ना बेठना ,हराम की दौलत से नफरत करना ,संपर्क से अधिक कार्य को करना ,सादा जीवन उच्च विचार रखना ,गाँधी ,सुभाष दोनों को ही सम्मान देना ,सोनिया जी ,अडवानी जी ,मुलायम जी ,मायावती जी ,ललिता जी ,सबसे संपर्क साधना ,सदैव सकारात्मक सोच रखना ,अच्छे और इमानदार आदमियों कीइज्जत करना ,
व्यवहारिक गुन ----सबसे व्यवहार बनाकर रखना ,जानने या ना जानने वालों को भी नमस्कार करना ,जिससे कार्य करवाना हो उस पर कुत्ते की भांति भौकना ,जिससे काम ना लेना हो उसके पैरौं में चिपट जाना ,इमानदार नेताओं की सूची तैयार करना उनको दूरभाष आदि पर धन्यवाद करना ,इमानदार आफिसर्स को भी धन्यवाद करना ,ग़लत बातो का पूर्णत; विरोध करना
स्वप्न -------अपने देश में ही इमानदार पार्षद ,विधायक, सांसद , या इससे भी उच्च स्थान प्राप्त करना
प्रसिद्धि -----सम्पूर्ण भारत में ,मुख्यतया दिल्ली में सम्पूर्ण राजपूत बिरादरी पर पूरी पकड़ ,लगभग सभी बड़े -बड़े नेता और ,धार्मिक व्यक्ति और राजपूत बयूरोक्रेत एवं संस्थानों और संस्थाओं के करता धरता ,सभी से पूर्णत; संपर्क ,सभी बिराद्रिओंसे पूरी तरह से मेल मिलाप और उनके बुरे और अच्छे समय में काम आना ,दिल्ली का तो कोई भी ऐसा कोना ना होगा जहाँ पर लोग मुझे ना जानते हों ,दिल्ली का कोई डिपार्टमेंट (महकमा )नही होगा जो के .पी .चौहान और बी ३२२ सरस्वती विहार को ना जानता हो यानी के दिल्ली के तो किसी क्षेत्र से टिकेट दे दो जीत सम्भव है ,मैं पूरी तरह जमीनी व्यक्ति हूँ ,पूरी तरह से राजनीतिग्य मिलनसार ,म्रदुभाशी ,व्यवहारिक ,वात्स्ल्य्याई ,कर्मठ ,सहिष्णु .उदार ,कर्तव्य का पालन करने वाला ,इमानदार ,
पेशा ---व्यवसायी (प्लास्टिक ,और प्रेसियास स्टोन ,)